अक्षय तृतीया २०२६ | तारीख, मुहूर्त, पूजा विधी आणि महत्त्व | Akshaya Tritiya 2026
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॥ अक्षय तृतीया २०२६ ॥
तारीख, मुहूर्त, पूजा विधी आणि महत्त्व
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🌟 अक्षय तृतीया म्हणजे काय?
अक्षय तृतीया हा एक अत्यंत शुभ आणि पवित्र हिंदू सण आहे. 'अक्षय' म्हणजे ज्याचा कधीही नाश होत नाही असा. या दिवशी केलेले दान, पुण्यकर्म, जप, तप, शुभ कार्य कधीही कमी होत नाही तर अमर्यादित वाढत जाते.
हे वैशाख महिन्यातील शुक्ल पक्षाची तृतीया तिथी आहे. याला 'आखातीज' म्हणूनही ओळखले जाते.
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📅 अक्षय तृतीया २०२६ तारीख आणि मुहूर्त
| बाब | तपशील |
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| **तारीख** | रविवार, १९ एप्रिल २०२६ |
| **तृतीया तिथी सुरू** | १९ एप्रिल रोजी सकाळी १०:४९ वाजता |
| **तृतीया तिथी समाप्त** | २० एप्रिल रोजी दुपारी १२:३० वाजता |
| **पूजेचा सर्वोत्तम वेळ** | सकाळी १०:४९ ते दुपारी १२:३० |
> ⚠️ **लक्षात ठेवा:** काही पंचांगानुसार तारखेत बदल होऊ शकतो. कृपया स्थानिक पंचांग नक्की पाहा.
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🌟 अक्षय तृतीयेचे धार्मिक महत्त्व
| क्र. | महत्त्व | स्पष्टीकरण |
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| १ | **त्रेतायुगाची सुरुवात** | याच दिवशी त्रेतायुग सुरू झाले असे मानले जाते. |
| २ | **भगवान परशुराम जयंती** | भगवान विष्णूंच्या सहाव्या अवतार परशुराम यांची जयंती या दिवशी असते. |
| ३ | **गंगा देवीचा अवतरण** | गंगा देवी पृथ्वीवर अवतरल्या अशी मान्यता आहे. |
| ४ | **कुबेराला धनप्राप्ती** | भगवान शंकरांनी कुबेराला याच दिवशी अक्षय निधी दिला. |
| ५ | **सत्ययुगाची सुरुवात** | सत्ययुगाची सुरुवात याच दिवशी झाली असे मानले जाते. |
| ६ | **भगवान विष्णूची पूजा** | या दिवशी भगवान विष्णूची विशेष पूजा केली जाते. |
| ७ | **श्रीकृष्ण-सुदामा मैत्री** | श्रीकृष्ण आणि सुदामा यांची भेट याच दिवशी झाली. |
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🪔 अक्षय तृतीया पूजा विधी (Step by Step)
| क्र. | पूजा विधी | कसे करावे? |
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| १ | **स्नान** | ब्रह्ममुहूर्तात उठून स्नान करा. नदीत स्नान केल्यास अधिक पुण्य मिळते. |
| २ | **व्रत संकल्प** | अक्षय तृतीयेचे व्रत करण्याचा संकल्प करा. |
| ३ | **देवता पूजन** | भगवान विष्णू, माता लक्ष्मी, कुबेर यांची पूजा करा. |
| ४ | **तुळशी पूजन** | तुळशीच्या वृंदावनाला हळद-कुंकू, फुले वाहा. |
| ५ | **दान** | गरीब, ब्राह्मण, गरजूंना अन्न, वस्त्र, धान्य, सोने, चांदीचे दान करा. |
| ६ | **सोने खरेदी** | या दिवशी सोने खरेदी केल्यास अक्षय फळ मिळते. |
| ७ | **पठण** | श्री सूक्त, विष्णु सहस्रनाम, लक्ष्मी स्तोत्राचे पठण करा. |
| ८ | **अन्नदान** | भोजनाचे आयोजन करून गरजूंना जेवू घाला. |
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🥗 अक्षय तृतीया दानाचे महत्त्व
या दिवशी केलेले दान अक्षय (अमर्याद) होते. खालील गोष्टींचे दान केल्यास विशेष फळ मिळते:
| गोष्ट | दान केल्याने लाभ |
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| सोने | ऐश्वर्यात वाढ |
| चांदी | सुख-समृद्धी |
| अन्न | पोटाची भूक शांत होते |
| वस्त्र | सुखी आयुष्य |
| धान्य | घरात अन्नाची कमी नाही |
| छत्री (छाता) | रक्षण मिळते |
| गाय | अद्भुत पुण्य |
| जमीन | मोठे पुण्य |
| ताम्हाण | पूजेचे साहित्य |
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💰 अक्षय तृतीयेला सोने खरेदी करण्याचे महत्त्व
| कारण | स्पष्टीकरण |
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| अक्षय फळ | सोन्याची खरेदी केल्यास ते कधीच कमी होत नाही. |
| लक्ष्मीची कृपा | माता लक्ष्मी प्रसन्न होते. |
| कुबेराची कृपा | धनप्राप्ती होते. |
| दारिद्रय नाश | दारिद्रय दूर होते. |
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📿 अक्षय तृतीयेला पठण करण्यासाठी स्तोत्रे
| क्र. | स्तोत्र | लाभ |
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| १ | श्री सूक्त | लक्ष्मीची कृपा |
| २ | विष्णु सहस्रनाम | विष्णू प्रसन्न होतात |
| ३ | लक्ष्मी अष्टक | ऐश्वर्य प्राप्ती |
| ४ | गणपती अथर्वशीर्ष | विघ्ननाश |
| ५ | सुखकर्ता दुखहर्ता | सुख-शांती |
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🌿 अक्षय तृतीया साठी विशेष टिप्स
✅ सकाळी लवकर उठा (ब्रह्ममुहूर्त)
✅ नदीत स्नान करा (शक्य असेल तर)
✅ भगवान विष्णूची पूजा करा
✅ सोने किंवा चांदी खरेदी करा
✅ गरजूंना दान करा
✅ कुटुंबियांसह अन्नदान करा
✅ 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्राचा जप करा
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❌ अक्षय तृतीया ला टाळण्यासारख्या गोष्टी
❌ वाद-विवाद करू नका
❌ क्रोध करू नका
❌ कंजूषी करू नका
❌ सूर्यास्तानंतर पूजा करू नका
❌ शास्त्रविरुद्ध आचरण करू नका
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॥ श्री लक्ष्मीनारायणार्पणमस्तु ॥
🙏 अक्षय तृतीयेच्या हार्दिक शुभेच्छा 🙏
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