दुर्गे दुर्घट भारी | संपूर्ण मराठी अर्थासहित | देवी आरती | Durgai Aarti in Marathi
ॐ
marathi-strotra.blogspot.com
॥ दुर्गे दुर्घट भारी – श्री दुर्गादेवी आरती ॥
महिषासुरमर्दिनी | जगदंबा | मराठी अर्थासहित
---
🌟 आरतीची माहिती
📿 देवता: श्री दुर्गादेवी (महिषासुरमर्दिनी, जगदंबा)
📿 प्रकार: आरती (स्तुतीपर गीत)
📿 फायदे: भय नाश, संकटमोचन, सुख-समृद्धी
📿 पठण वेळ: सकाळी, संध्याकाळी, नवरात्रीत विशेष
---
॥ दुर्गे दुर्घट भारी – आरती ॥
---
**धृपद (पहिली कडी):**
दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी ।
वारी, वारी, जन्म-मरणाते वारी हारी पडतो आता संकट निवारी ॥
**मराठी अर्थ:**
हे दुर्गे, तुझ्याशिवाय संसारात दुर्घट (भयंकर) भार आहे. हे अनाथांच्या नाथे, अंबे, तू करुणा विस्तार कर. जन्म-मरणाचा फेरा दूर कर. मी हारी पडतो आहे, (तू) ही संकटे निवारण कर.
---
**आरती (दुसरी कडी):**
जय देवी, जय देवी महिषासुरमर्दिनी ।
सुरवर, ईश्वर वरदे तारक संजीवनी ॥
जय देवी, जय देवी ॥
**मराठी अर्थ:**
जय, जय हे महिषासुराचा संहार करणाऱ्या देवी! सुरवर, ईश्वर (तुला) वरदान देणारे, तू तारक आणि संजीवनी आहेस. जय, जय हे देवी!
---
**तिसरी कडी:**
फिरभुल भुलनी पाहता तुज ऐसे नाही । चारी श्रमले, परंतु न बोलले काही ॥
साही विवाद करीता पडतो प्रवाही । ते तू भक्तालागी पावसी लवलाही ॥
**मराठी अर्थ:**
तुझ्यासारखी फिरभुल भुलवून पाहता कोणी नाही. चारी वेद श्रमले, पण काही बोलू शकले नाहीत. वादविवाद करता प्रवाहात (संसारात) पडतो. तू भक्तांसाठी लवकर (त्वरित) धावतेस.
---
**चौथी कडी:**
प्रसन्नवदने प्रसन्न होली निजदास । क्लेशापासून सोडी तोडी भवपाशा ॥
अंबे तुजवाचून कोण पुरवील आशा ? नरहरी तल्लीन झाला पदपंकजलेशा ॥
**मराठी अर्थ:**
प्रसन्न वदनाने प्रसन्न होतेस आपल्या दासांवर. क्लेशांपासून सोडवतेस, भवपाश (जन्म-मरणाचे बंधन) तोडतेस. हे अंबे, तुझ्याशिवाय कोण आशा पुरवील? नरहरी (भक्त) तुझ्या पदपंकजलेशात (चरणकमलाच्या लेशात) तल्लीन झाला.
---
**समाप्ती:**
जय देवी, जय देवी महिषासुरमर्दिनी ।
सुरवर, ईश्वर वरदे तारक संजीवनी ॥
जय देवी, जय देवी ॥
---
॥ दुर्गे दुर्घट भारी आरती संपूर्णम् ॥
🙏 जय अंबे जगदंबे माता 🙏
---
## 🌟 आरतीचे फायदे 🌟
| क्र. | फायदा | स्पष्टीकरण |
|-----|--------|------------|
| १ | भय नाश | सर्व प्रकारचे भय दूर होते |
| २ | संकटमोचन | कठीणात कठीण संकटातून मुक्ती मिळते |
| ३ | सुख-समृद्धी | घरात सुख-शांती येते |
| ४ | दारिद्रय नाश | आर्थिक संकटे दूर होतात |
| ५ | मनोकामना पूर्ती | श्रद्धेने केलेली मनोकामना पूर्ण होते |
---
## 📿 पठण नियम
| नियम | स्पष्टीकरण |
|------|------------|
| वेळ | सकाळी स्नानानंतर, संध्याकाळी, नवरात्रीत विशेष |
| शुद्धता | स्वच्छ जागी बसा, पूर्वेकडे किंवा उत्तरेकडे तोंड करा |
| पूजन | देवीचे चित्र किंवा मूर्तीसमोर दिवा लावा |
| फुले | लाल फुले, गुलाब, जास्वंद |
| नैवेद्य | खीर, फळे, साखर |
---
## 🙏 दुर्गादेवी मंत्र
**दुर्गा मूल मंत्र:**
ॐ दुं दुर्गायै नमः
**दुर्गा गायत्री मंत्र:**
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्यकुमारि धीमहि।
तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
**महिषासुरमर्दिनी मंत्र:**
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
---
#दुर्गेदुर्घटभारी #देवीआरती #दुर्गाआरती #महिषासुरमर्दिनी #जगदंबा #नवरात्री #सर्वमराठीस्त्रोत
---
© marathi-strotra.blogspot.com | सर्व स्तोत्रे मराठीत | गणपती बाप्पा मोरया! 🙏
---
## 📌 आमचे सर्व लिंक एकाच ठिकाणी:
👉 **ब्लॉग:** https://marathi-strotra.blogspot.com
👉 **Telegram:** https://t.me/marathistrotra
👉 **Instagram:** https://instagram.com/sarva_marathi_strotra
👉 **YouTube:** https://youtube.com/@sarva_marathi_strota
👉 **Facebook:** सर्व मराठी स्त्रोत (सर्च करा)
👉 **Linktree:** https://linktr.ee/sarvamarathistrotra
**🙏 कृपया सर्व प्लॅटफॉर्मवर फॉलो करा 🙏**


Comments
Post a Comment